नवरात्र के छठे दिन भगवती कात्यायनी की पूजा, किया गया बिल्वाभिमंत्रण
संग्रामपुर। शारदीय नवरात्र के छठे दिन भगवती कात्यायनी देवी का पूजन करने के बाद देवी भक्तों ने माता को मण्डप में बुलाने को लेकर बिल्ववृक्ष के पास जाकर बिलवाभिमंत्रण किया।
वहीं बिल्व वृक्ष की पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने वृक्ष में रक्षासूत्र लपेटकर परिक्रमा भी किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जोड़ा बेलफल को लाल कपड़े में पान,सुपारी, फल फूल बांधकर न्योता दिया गया और भगवती को मण्डप में आने का निमंत्रण दिया गया।
जानकारी देते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर दुर्गा पूजा समिति बरियरिया पूरब टोला के आचार्य मुकुल मनोहर पाण्डेय ने बताया कि भगवती दुर्गा के छठे रूप की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। खासकर कुंवारी कन्याओं के विवाह में उत्पन्न होने बाधा दोष समाप्त हो जाते है।
आचार्य जी ने बताया कि शुक्रवार को बिलवा निमंत्रण किया गया। शनिवार की सुबह में बेलतोड़ी की जाएगी, उसके बाद डोली में बिठाकर गंगा में स्नान करने के बाद नगर परिक्रमा कराई जाएगी। नगर परिक्रमा के बाद मंडप प्रवेश, नव पत्रिका प्रवेश करने के बाद माता की अलौकिक मूर्ति के नेत्र भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।
पट खुलने के बाद ही देवी को महिलाएं सिंदूर चढ़ा सकेंगी। रविवार की रात्रि में महानिशा पूजा किया जाएगा, इस अवसर पर भक्तों के द्वारा 2100 दीपों का दान किया जाएगा। सोमवार को कुंवारी पूजन हवन पूर्णाहुति आदि विधि विधान किए जाएंगे। मंगलवार को विजयदशमी का पावन पर्व मनाया जाएगा।
इसके साथ ही भगवती की अलौकिक मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। बिलवा भिमंत्रण के समय महिलाओं ने देवी का पचरा गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जबकि भगवती के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा था।

