राष्ट्रीय लोक अदालतःविशेष एन.आई. एक्ट लोक अदालत एवं ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ की सफलता को लेकर हुई बैठक
मोतिहारी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के आलोक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर तथा विशेष एन.आई. एक्ट लोक अदालत दिनांक 21 नवंबर के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण अभिषेक कुमार दास की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी-सह-उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक-सह-सदस्य स्वर्ण प्रभात तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ज्ञानेश्वर प्रकाश, जिला वन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, सहायक जिला परिवहन पदाधिकारी तथा यातायात पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी की मौजूदगी रही।
इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं विशेष एन.आई. एक्ट लोक अदालत को सफल बनाने, अधिकाधिक सुलहनीय मामलों की पहचान करने, संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा आम जनता को लोक अदालत के लाभों के प्रति जागरूक करने पर विस्तृत चर्चा की गई। जबकि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने पर भी जोर दिया गया।

वहीं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित अखिल भारतीय जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की गई। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना है। फलस्वरूप सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाने के लिए सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
विद्यालयवार जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन, विद्यार्थियों को सरल भाषा में पोक्सो एक्ट अधिनियम की जानकारी देने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कक्ष में पीड़ित क्षतिपूर्ति बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पीड़ितों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। तत्पश्चात विचाराधीन बंदियों की समीक्षा समिति की बैठक आयोजित कर विचाराधीन बंदियों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई तथा लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गई, ताकि पात्र बंदियों के मामलों में नियमानुसार उचित कदम उठाए जा सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के सचिव श्री नितिन त्रिपाठी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक ही दिन में लगातार पांच महत्वपूर्ण बैठके की गई। कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार नितिन त्रिपाठी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों से आपसी समन्वय, समयबद्ध कार्रवाई तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने पर बल दिया, ताकि जिले में विधिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा आम नागरिकों, बच्चों और जरूरतमंद व्यक्तियों को न्याय एवं विधिक सहायता का लाभ प्राप्त हो सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वित प्रयास जारी रखे जाएंगे।

