इंडी गठबंधन की बैठक से पहले बिखर गया विपक्ष : शिवराज चौहान
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने के लिए तैयार नहीं है।यहां तक कि कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में देश की जनता उन्हें नेता कैसे मानेगी।
शिवराज चौहान ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता को लेकर विपक्षी दलों में ही सहमति नहीं है। यही वजह है कि इंडी गठबंधन के सहयोगी दल बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कह रहे हैं कि उन्हें नेता माना जाए और उन पर विश्वास किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि बैठक से पहले ही इंडी गठबंधन बिखरा हुआ नजर आ रहा है। डीएमके बैठक में शामिल नहीं हो रही है। अखिलेश यादव भी बैठक में नहीं आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने पहले ही बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं, उद्धव ठाकरे बैठक में शारीरिक रूप से शामिल नहीं होंगे बल्कि वर्चुअली जुड़ेंगे।वोटर लिस्ट को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा है। अगर वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़ते हैं तो इससे लोकतंत्र प्रभावित होगा। उन्होंने सवाल किया कि जिस व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, उसका नाम वोटर लिस्ट से हटाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में क्यों होना चाहिए। पवित्र लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का सही और शुद्ध होना जरूरी है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग चुनावी मैदान में जीत नहीं पाते हैं तो अपनी हार का ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर वोट चोरी हुई है तो अलग-अलग राज्यों में चुनाव के अलग-अलग परिणाम क्यों आते हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की पार्टी को 37 लोकसभा सीटें कैसे मिलीं।उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद वोट चोरी का बहाना बनाया जाता है। शिवराज ने दावा किया कि देश की जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ रही है और इसी वजह से कांग्रेस को पहले की तुलना में जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है।

