सीजेपी नेतृत्व के हो सकते हैं राजनीतिक हित, लेकिन राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए : सोनम वांगचुक

सीजेपी नेतृत्व के हो सकते हैं राजनीतिक हित, लेकिन राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए : सोनम वांगचुक
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में अनशन करने वाले लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मानना है कि सीजेपी का नेतृत्व संभाल रहे अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका के राजनीतिक हित हो सकते हैं।हालांकि वे चाहते हैं कि संगठन एक दवाब मंच के तौर पर काम करता रहे और राजनीतिक मंच न बने। इससे उसकी पवित्रता नष्ट हो जाएगी।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक यू-ट्यूबर प्रखर गुप्ता को साक्षात्कार दिया है। इसमें वांगचुक ने कहा कि वे नहीं मानते की सीजेपी को नेतृत्व देने वाले लोग कोई संत-महात्मा है। उनके अपने राजनीतिक हित हो सकते हैं। वे इस बात की भी गारंटी नहीं दे सकते कि वह आगे चलकर भ्रष्ट नहीं होंगे।

वांगचुक ने कहा, “मैंने काफी परख की तो लगा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जरूर होंगी और वह शायद कोई गलत बात भी नहीं होगी। …मगर इस मंच (सीजेपी) को आप(सीजेपी नेतृत्व) लोगों ने एक राजनीतिक पार्टी के रूप में शुरू नहीं किया है, उसकी पवित्रता को बनाए रखना चाहिए। इसे एक तटस्थ राजनीतिक दबाव समूह बनाए रखना चाहिए, जिससे आप ज्यादा काम कर पाएंगे। मंच को ही राजनीतिक नहीं बनाना चाहिए, ताकि लोगों की आस्था ज्यादा बनी रहे।

बाकी आगे जाकर आप किसी राजनीतिक दल में जुड़ सकते हैं या नई राजनीतिक पार्टी शुरू कर सकते हैं। मगर इस प्लेटफार्म को जिसमें लोगों ने …एक स्टूडेंट्स मूवमेंट देखा है। उसको कोई राजनीतिक रंग देना अच्छी बात नहीं है।”उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें सीजेपी नेतृत्व के भ्रष्ट होने के कोई संकेत नहीं दिखे हैं, लेकिन भविष्य को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। उनके आकलन में ये लोग औसत से बेहतर, समझदार और जागरूक हैं, लेकिन आगे चलकर वे क्या करते हैं, इसका अनुमान लगाना संभव नहीं है।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page