राज्य में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते करे पूरी: उपमुख्यमंत्री
-बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की उपमुख्यमंत्री ने की समीक्षा पटना। संभावित बाढ़ 2026 को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में सिंचाई भवन स्थित विभागीय सभागार में गुरुवार को उप मुख्यमंत्री (जल संसाधन) मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है।ऐसे में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी रहनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि कटाव निरोधक कार्यों की स्वीकृति वर्ष के प्रारंभ में ही इसलिए दी गई थी ताकि बाढ़ अवधि शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे हो जाएं। अधिकांश स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि जहां कार्य शेष हैं, उन्हें हर हाल में एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निदेश दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें।
विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यालय स्तर से विभाग के सचिव एवं वरीय अभियंताओं द्वारा लगातार स्थल निरीक्षण किया जा रहा है एवं अद्तन स्थिति की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं क्षेत्रीय अधिकारी भी तटबंधों की लंबाई के अंतिम छोर तक निगरानी कर रहे हैं तथा नदियों के जलस्तर पर निरंतर नजर बनाए हुए है। सभी मुख्य अभियंता सप्ताह में कम-से-कम दो बार रात्रि में औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि संबंधित अभियंता एवं श्रमिक स्थल पर कैंप कर रहे हैं, संवेदनशील/अतिसंवेदनशील स्थलों पर हटमेंट की व्यवस्था तथा बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक सामग्री का भंडारण है।
उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। नदियों में अत्यधिक जलश्राव प्रवाहित होने का इंतजार करने के बजाय अभी से सभी संवेदनशील स्थलों पर सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद मुख्यालय एवं जिला प्रशासन की टीम स्थलों पर जाकर तैयारियों एवं सामग्री भंडारण का सत्यापन करेगी, इसलिए संबंधित अधिकारी जिला प्रशासन के साथ सभी आंकड़े साझा करें।
उन्होंने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील तटबंधों पर विशेष चौकसी बरतने, रात्रि में प्रभावी निगरानी के लिए विशेष रूप से तटबंधों के किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए पहुंच मार्गों को पहले से दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जानबूझकर लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

