ब्रिक्स देशों ने वैश्विक दक्षिण के महत्व और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर दिया जोर

ब्रिक्स देशों ने वैश्विक दक्षिण के महत्व और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर दिया जोर
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 14 और 15 मई को नई दिल्ली में आयोजित की गई। पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के बीच हो रही इस बैठक के बाद कोई संयुक्त वक्तव्य जारी नहीं किया गया।हालांकि अध्यक्षीय वक्तव्य और परिणाम दस्तावेज़ जारी किया गया। मंत्रियों ने कहा कि ब्रिक्स अब वैश्विक दक्षिण के लिए प्रभावशाली मंच बन चुका है और भविष्य में इसका संस्थागत विस्तार तथा सहयोग और मजबूत किया जाएगा।

इसमें बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, संयुक्त राष्ट्र सुधार, आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता, गाजा में युद्धविराम, विकासशील देशों की मजबूत भागीदारी और वैश्विक शासन को अधिक न्यायसंगत, लोकतांत्रिक तथा संतुलित बनाने पर सबसे अधिक जोर दिया गया।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि ब्रिक्स विदेश मंत्रियों ने वैश्विक राजनीति, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ विषय के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया गया।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, कूटनीति और संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही गई। मंत्रियों ने गाजा, लेबनान, सूडान, सीरिया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए युद्धविराम, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का समर्थन किया। फिलिस्तीन के लिए दो-राष्ट्र समाधान तथा संयुक्त राष्ट्र में उसकी पूर्ण सदस्यता के समर्थन को दोहराया गया।

आतंकवाद के मुद्दे पर ब्रिक्स देशों ने सभी प्रकार के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की भी कड़ी आलोचना की गई, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाने और सीमा पार आतंकवाद, आतंक वित्तपोषण तथा सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

बैठक में विश्व व्यापार संगठन सुधार, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सहयोग और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page