शंकर ढाबा गोलीकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला: आरोपी को 10 साल सश्रम कारावास

शंकर ढाबा गोलीकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला: आरोपी को 10 साल सश्रम कारावास
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पूर्वी चंपारण। जिले के बहुचर्चित शंकर ढाबा गोलीकांड मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विद्या प्रसाद की अदालत ने जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में नामजद अभियुक्त राजतिलक उर्फ सुमित सिंह को दोषी करार देते हुए दस वर्षों के सश्रम कारावास तथा अठारह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। 

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला पिपरा थाना क्षेत्र के तजीयापुर निवासी आरोपी से जुड़ा है, जबकि घटना से संबंधित प्राथमिकी तुरकौलिया (बंजरिया) थाना कांड संख्या 206/2019 के रूप में दर्ज की गई । तुरकौलिया थाना क्षेत्र के बेलवाराय निवासी सूचक अभिनव कुमार सिंह उर्फ मिंटू सिंह ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में बताया था कि 27 मार्च 2019 की रात करीब 9:30 बजे वह एनएच-28 स्थित चैलाहा शंकर ढाबा पर अपने साथियों के साथ चाय पी रहा था।

इसी दौरान आरोपी का फोन आया और मिलने की बात कही। कुछ देर बाद आरोपी ढाबा पहुंचा, साथ में चाय पी और फिर किसी को फोन कर बुलाया। करीब पंद्रह मिनट बाद बाइक पर सवार दो अज्ञात व्यक्ति पहुंचे और ढाबा के अंदर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सूचक के अनुसार, इसी दौरान आरोपी राजतिलक उर्फ सुमित सिंह ने भी पिस्टल से फायरिंग की, जिससे उसे पेट और हाथ में गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज हुआ।

वाद के विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने सात गवाहों की गवाही प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को भादवि की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई।इस फैसले को क्षेत्र में अपराध के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय से स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

anand prakash

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