वोट डालने के बाद चुनाव आयोग पर बरसीं ममता, किया सत्ता में लौटने का दावा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार ममता बनर्जी ने मतदान के दिन कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में “अवांछित हिंसा और दबाव” का माहौल बनाया गया है और कई जगहों पर उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्रों से बाहर कर दिया गया।हालांकि, तमाम आरोपों के बीच उन्होने एक बार फिर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया।
बुधवार शाम चार बजे के करीब मित्रा इंस्टिट्यूशन स्थित मतदान केंद्र में वोट डालने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एजेंटों को हटाया गया और कई जगह महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह “स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव” है?
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नदिया, हुगली, काकद्वीप और कॅनिंग सहित कई इलाकों में चुनाव के दौरान अत्याचार की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रात से ही कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य पुलिस को कई जगहों से हटाकर केवल केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है, जिससे स्थिति और जटिल हुई है।
हालांकि, इन आरोपों के बीच उन्होंने भरोसा जताया कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेगी और दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
ममता बनर्जी सुबह से ही चुनावी गतिविधियों पर नजर रखती रहीं और कई मतदान केंद्रों का दौरा भी किया। मतदान के बाद वे कालीघाट मंदिर भी गईं। इस चुनाव को लेकर भवानीपुर सीट पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है और पूरे राज्य की नजर इसी क्षेत्र पर टिकी हुई है।

