भारत-सर्बिया का द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से इतर सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक के साथ बुधवार को द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत और सर्बिया के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में इस द्विपक्षीय वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने यहां आए सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक से प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता की।
उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति एलेक्जेंडर ने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को अधिक प्रगाढ़ करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), वित्तीय प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आम लोगों के बीच संबंधो को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी हितों के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि भारत और सर्बिया के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय रिश्ते हैं। हमारे रिश्ते हमारे लोगों के बीच करीबी रिश्तों पर टिके हैं। दोनों नेताओं ने इन संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि सर्बिया के राष्ट्रपति यहां हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। 16 फरवरी से यहां शुरू हुआ यह समिट अपनी तरह का दुनिया का चौथा समिट हैै। इसको एक अहम वैश्विक मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है। कार्यक्रम को तीन मुख्य स्तंभों पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के आधार पर संचालित किया जा रहा है। अब तक तीन वैश्विक एआई समिट आयोजित हो चुके हैं। इसकी शुरुआत 2023 में ब्रिटेन के ब्लेचली पार्क में हुए एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन से हुई थी। इसके बाद 2024 में दक्षिण कोरिया में एआई सोल शिखर सम्मेलन और 2025 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में एआई क्रियान्वयन शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था।

