प्रतिभावान युवाओं को आज भरोसा है कि देश उनके साथ हैः प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार खेलों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। आज भारत की ओर से प्रतिनिधित्व में कमी के कारण उपेक्षित रहे खेलों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।हमारे पैरा स्पोर्ट्स इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं।
प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल के साथ बातचीत की। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने पैरा एथलीटों की प्रशंसा की और देशवाशियों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि 2010 के पैरा एशियन खेलों में भारत ने बस 1 स्वर्ण और कुल 14 पदक जीते थे। इस बार यह आंकड़ा 114 है। यह यात्रा खिलाड़ियों के परिश्रम की पराकाष्ठा का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “आज के दौर में यदि किसी युवा को अपनी प्रतिभा पर भरोसा है तो उसे यह विश्वास भी होता है कि पूरा देश उसके साथ खड़ा है। पैरा स्पोर्ट्स इसका सबसे अच्छा उदाहरण है।”अपनी सरकार के हाल ही में दिव्यांगजन की पेंशन बढ़ाए जाने के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने पेंशन के साथ दिव्यांगता का मानक 80 प्रतिशत से 40 प्रतिशत कर दिया है। पहले पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु होना जरूरी था। अब जन्म से ही पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन का रास्ता खोल दिया गया है।
पैरा खेलों की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 30 स्वर्ण, 35 रजत, 49 कांस्य के साथ 5 नए विश्व रिकॉर्ड, 9 एशियाई रिकॉर्ड भारत ने बनाए हैं। इस बार 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियां मेडल विजेता बनी हैं।
वहीं 4 स्पर्धाओं में पोडियम पर तीनों जगह भारतीय खिलाड़ी थे। प्रतियोगिता के आखिरी दिन देश ने 9 गोल्ड मेडल जीते।कार्यक्रम में एथलीट, कोच, भारतीय पैरालंपिक समिति और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधि एवं युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि भारत ने इस वर्ष जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। कुल 97 भारतीय पैरा-एथलीटों ने 114 पदक जीते, जिसमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं।

