आंध्र प्रदेश के ओंगोल में चक्रवात ‘मुरासु’ तट से टकराया, 21 उड़ाने रद्द, भारी बारिश की आशंका

आंध्र प्रदेश के ओंगोल में चक्रवात ‘मुरासु’ तट से टकराया, 21 उड़ाने रद्द, भारी बारिश की आशंका
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ओंगोल (आंध्र प्रदेश)। गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के लैंडफॉल (तट से टकराने की प्रक्रिया) मंगलवार आधीरात बाद करीब एक बजे ओंगोल के पास शुरू हुआ। इस प्रकिया के दौरान आसपास हवा की अधिकतम गति 110 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटा से 120 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।चक्रवात के और तीव्र होने के कारण चेन्नई और उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका है। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर कम से कम 21 घरेलू उड़ानें रद्द की गई हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, तड़के तीन बजे तक चक्रवात का उत्तरी हिस्सा (इनर स्पाइरल बैंड) जमीन से टकरा गया और ‘वॉल क्लाउड’ (तूफान का मुख्य सघन बादल क्षेत्र) भी जमीन की ओर बढ़ रहा है। विभाग ने सामान्य ज्वार-भाटा के स्तर से लगभग 1.0-1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठने का भी अनुमान जताया है। इससे दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के निचले हिस्सों में पानी भर सकता है।

विभाग के अनुसार, बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में समुद्री लहरों का स्तर सबसे ऊंचा रहने की आशंका है। अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस बीच, चक्रवात ‘मुरासु’ के असर से ओंगोल के कोथापटनम बीच इलाके में भारी बारिश और बहुत तेज हवाएं चलने की खबर है। तटीय क्षेत्र में तेज हवाओं का कहर जारी है।

आंध्र प्रदेश के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग आपातकालीन स्थिति या नागरिक समस्या-जैसे बिजली गुल होना, पेड़ उखड़ना, दीवारें गिरना, जलभराव या अन्य किसी संकट की सूचना व्हाट्स ऐप नंबर 9552300009 पर संदेश भेजकर दे सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, नागरिक इस व्हाट्स ऐप नंबर 9552300009 पर Hi लिखकर भेज सकते हैं। इसके बाद मेनू से Services (सेवाएं) विकल्प चुनें, फिर Murasu Cyclone Issues (मुरासु चक्रवात संबंधी समस्याएं) चुनें। इसके बाद Report Issue (समस्या रिपोर्ट करें) पर क्लिक करके पुष्टि करें। अंत में Registration (पंजीकरण) चुनें और अपना नाम, जिला और मंडल जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।

इस चक्रवात के कारण कई तटीय राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। इसका उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत कार्यों की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में ‘मुरासु’ के एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद ओडिशा सरकार ने सोमवार को संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया। चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण दो नवंबर को चेन्नई हवाई अड्डे से आने-जाने वाली कुल 11 उड़ानें और गन्नवरम हवाई अड्डे से इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

चक्रवात के तट से टकराने के दौरान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला अधिकारियों से टेली कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। नायडू ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण किसी की जान न जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नेल्लोर, प्रकाशम और कोथापटनम तटीय क्षेत्रों में बारिश और हवा की तीव्रता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड कार्यालयों के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि चक्रवात से जुड़ी जानकारी जमीनी स्तर तक लोगों तक पहुंचे।

चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। रविवार रात से ही यहां लगातार बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग ने चेन्नई और तिरुवल्लुर में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है, जबकि चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। ओडिशा ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा है। बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। तमिलनाडु ने अपने पड़ोसी राज्य की मदद के लिए कदम बढ़ाया है। राज्य ने नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की तीन टीमें (90 कर्मी ) और बिजली विभाग की 25 टीमें (500 कर्मी) भेजी हैं। कर्नाटक ने भी 500 कुशल बिजली कर्मियों और जरूरी उपकरणों को भेजने की घोषणा की है।।

चक्रवात के कारण ओडिशा के दक्षिणी जिलों गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी में भारी बारिश होने की आशंका है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जिला कलेक्टरों को सतर्क कर दिया गया है। कुछ दक्षिणी जिलों में स्कूल और कॉलेज तीन नवंबर तक बंद कर दिए गए हैं। इससे पहले रविवार को बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा दबाव चक्रवात ‘मुरासु’ में बदला। ‘मुरासु’ का अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा था कि यह नया तूफान तीन नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश में ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच के इलाके में तट से टकराएगा।

anand prakash

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