उत्तर रेलवे ने ट्रेन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम किया शुरू

उत्तर रेलवे ने ट्रेन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम किया शुरू
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नई दिल्ली। उत्तर रेलवे के विद्युत विभाग ने ट्रेनों के सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक्शन पावर कंट्रोलरों (टीपीसी) का क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों के तकनीकी कौशल, परिचालन क्षमता और सुरक्षा संबंधी दक्षता को मजबूत करना है। इसके तहत पहला तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित किया गया। नवंबर के अंत तक छह चरणों में उत्तर रेलवे के सभी छह मंडलों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि, पहले प्रशिक्षण सत्र में उत्तर रेलवे के जम्मू, फिरोजपुर, अंबाला, दिल्ली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडलों के 14 कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का आयोजन गाजियाबाद स्थित विद्युत प्रशिक्षण केंद्र में किया गया।

प्रशिक्षण के पहले दिन टीपीसी की जिम्मेदारियों, स्काडा प्रणाली, ट्रैक्शन सब-स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय कर्मचारियों तथा नियंत्रण केंद्र के साथ समन्वय से संबंधित विषयों की जानकारी दी गई।इसके अतिरिक्त, दिल्ली मंडल के स्काडा (एससीएडीए) और आरसीसी केंद्रों के साथ-साथ चाणक्यपुरी स्थित 25 केवी ट्रैक्शन सब-स्टेशन का क्षेत्रीय भ्रमण भी कराया गया। ट्रैक्शन पावर कंट्रोलर विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के तहत 25 केवी बिजली आपूर्ति की निगरानी और नियंत्रण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वे क्षेत्रीय कर्मचारियों और परिचालन नियंत्रण केंद्र के साथ समन्वय स्थापित करने के अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने का कार्य भी करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा शिक्षण, सिम्युलेटर पर व्यावहारिक अभ्यास और क्षेत्रीय प्रशिक्षण को शामिल किया गया है।

वहीं, दूसरे दिन स्काडा प्रशिक्षण सिम्युलेटर पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सामान्य परिचालन स्थितियों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।

तीसरे दिन चाणक्यपुरी स्थित ट्रैक्शन सब-स्टेशन में उपकरणों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के ज्ञान का आकलन किया गया, उनसे प्रतिक्रिया ली गई और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

उन्हाेंने बताया कि, इस पहल से कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने, विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्युत ट्रैक्शन पर चलने वाली ट्रेनों का सुरक्षित और विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

anand prakash

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