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सारण शिक्षक निर्वाचन को भयमुक्त वातावरण में स्वच्छ, निष्पक्ष शांतिपूर्ण संपन्न कराएंः डीएम

आज पूर्वाह्न 8:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक होगा मतदान
मोतिहारी। बिहार विधान परिषद के 03, सारण शिक्षक निर्वाचन 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने को लेकर महावीर राजकीय मध्य विद्यालय लुअठहां, मोतिहारी में बनाए गए डिस्पैच सेंटर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारी एवं पदाधिकारी की संयुक्त संबोधित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं।

कोई भी पदाधिकारी या दंडाधिकारी इसे हल्के में नहीं लेंगे। छोटी से छोटी गलती या चूक भी पूरे कैरियर में समस्या पैदा करेगी। निर्वाचन के सभी प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना है। मतदान 23 अक्टूबर 2026 को 8:00 बजे पूर्वाह्न से 4:00 बजे अपराह्न तक निर्धारित है। सभी मतदान केंद्र जिला के सभी 27 अंचलों के अंचल अधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ में बनाए गए हैं। जबकि मतदान केंद्र पर पदाधिकारी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी की उपलब्धता देख लेंगे एवं सभी जगह रैंप लगवा देंगे। मतदान केंद्र पर निर्वाचकों (मतदाताओं)के बैठने की व्यवस्था एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारी को दो चरणों की प्रशिक्षण दे दी गई है। आज अंतिम रूप से प्रशिक्षण दिया जाना है।

सभी पदाधिकारी एवं दंडाधिकारी प्रशिक्षण के दौरान कार्यों को अच्छे से समझ लेंगे। कहीं कोई डाउट हो तो उसे क्लियर कर लेंगे। किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरतनी है।सभी मतदान केंद्रों पर विधि व्यवस्था सहित सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त सेक्टर पदाधिकारी, जोनल पदाधिकारी और सुपर जोनल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुपर जोनल पदाधिकारी में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त रैंक के पदाधिकारियों को लगाया गया हैं। सभी पदाधिकारी को समय से फील्ड मूवमेंट का निर्देश दिये।

वोटिंग कंपार्टमेंट जहां मतदान होना है, वहां केवल मतदाता ही जाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी पीठासीन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उनके लिए निर्वाचन आयोग से जो पीआरओ ऐप प्रोवाइड किया गया है, उसको सभी अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर लेंगे। उसका लॉगिन पासवर्ड रखेंगे और निर्वाचन सम्बन्धी प्रत्येक स्टेप की इंट्री समय-समय पर निश्चित रूप से करते रहेंगे। संपूर्ण मतदान प्रक्रिया का वीडियोग्राफी कराया जाना है, नतीजतन प्रतिनियुक्त वीडियोग्राफर को इस प्रकार वीडियोग्राफी करने के लिए निदेशित करेंगे।

पीठासीन पदाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कोई अनाधिकृत व्यक्ति मतदान केंद्र के अंदर उपस्थित नहीं रहे। मतदान स्वच्छ शांतिपूर्ण एवं भयरहित वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्ती कार्रवाई का निर्देश दिया। जबकि पुलिस अधीक्षक ने कहा की निर्वाचन के संपूर्ण कार्य को स्वच्छ निष्पक्ष एवं भय मुक्त वातावरण में सफलता पूर्वक संपन्न कराना है। इसको लेकर पुलिस पदाधिकारियो की प्रतिनियुक्ति की गई है। उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया की जिनकी जहां प्रतिनियुक्ति की गई है। वहां ससमय उपस्थित रहेंगे एवं विधि व्यवस्था संधारण में प्रशासनिक पदाधिकारी का सहयोग करेंगे।

बचपन बचाओ के तहत विद्यालयों में चलेगा पॉक्सो एक्ट जागरूकता कार्यक्रम

-प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक और एक शिक्षिका को दी जाएगी प्रशिक्षण


मोतिहारी। बच्चों को यौन शोषण एवं उत्पीड़न से बचाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में बचपन बचाओ अभियान के अंतर्गत पॉक्सो एक्ट को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।

इस संबंध में महात्मा गांधी प्रेक्षागृह, मोतिहारी में आयोजित कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव न्यायाधीश नितिन कुमार त्रिपाठी ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए बच्चों को पॉक्सो एक्ट की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को यह समझना जरूरी है कि उसके साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार होने पर उसे चुप रहने की आवश्यकता नहीं है।

बच्चों को अपने शरीर की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में विश्वसनीय वयस्क से सहायता लेने के बारे में उनकी उम्र के अनुरूप जानकारी दी जानी चाहिए। जागरूकता ही बच्चों को संभावित अपराधों से बचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय से एक पुरुष शिक्षक एवं एक महिला शिक्षिका को प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यालय में प्रत्येक माह एक दिन विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को पॉक्सो एक्ट, बाल सुरक्षा एवं उनके अधिकारों की जानकारी देंगे। नुक्कड़ नाटक, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वे इन संवेदनशील विषयों को आसानी से समझ सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि कई मामलों में बच्चे भय, संकोच, धमकी अथवा सामाजिक दबाव के कारण अपने साथ हुई घटना की जानकारी माता-पिता, शिक्षकों या अन्य विश्वसनीय लोगों को नहीं दे पाते।

कई बार अभिभावक भी सामाजिक प्रतिष्ठा अथवा लोक-लाज के डर से ऐसी घटनाओं को सामने लाने से बचते हैं। जाहिर है इसका लाभ उठाकर अपराध करने वाले व्यक्तियों का मनोबल बढ़ सकता है और दूसरे बच्चों के भी शिकार बनने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि किसी अनुचित व्यवहार के लिए वे दोषी नहीं हैं और अपनी बात बताने पर उन्हें डांटा या दोषी नहीं ठहराया जाएगा। अभिभावकों एवं शिक्षकों को बच्चों की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए, उनकी शिकायत को गंभीरता से लेना चाहिए तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और बाल संरक्षण तंत्र की सहायता लेनी चाहिए।

पॉक्सो एक्ट, बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाला कानून है। यह 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों से संबंधित मामलों में कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। विद्यालयों में बच्चों को सरल भाषा में बताया जाएगा कि कोई व्यक्ति यदि उन्हें अनुचित तरीके से छूने, डराने, धमकाने, अश्लील सामग्री दिखाने या किसी अन्य असुरक्षित गतिविधि के लिए मजबूर करता है, तो उन्हें तुरंत किसी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

बच्चों को यह भी समझाना जरूरी है कि गलत व्यवहार करने वाला व्यक्ति कोई अनजान ही नहीं, बल्कि परिचित व्यक्ति भी हो सकता है। बचपन बचाओ अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यालयों के साथ-साथ अभिभावकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी गई। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केवल विद्यालय या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, असामान्य भय, चुप्पी या किसी व्यक्ति के प्रति असहजता जैसे संकेतों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया जाएगा कि वे बिना डर अपनी समस्या साझा करें, जबकि शिक्षक-शिक्षिकाएं उनकी बात गोपनीयता और संवेदनशीलता के साथ सुनें। किसी घटना की जानकारी मिलने पर बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा शिक्षा विभाग से रेयाज अहमद, शकील अहमद और अमरेश कुमार सहित मशाल मास्टर ट्रेनर सुनील कुमार, अरविंद कुमार, भानु प्रकाश, अमित कश्यप, अंशु यादव एवं रवि कुमार सिंह समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित थे।

खेलो इंडिया का आयोजन,भारोत्तोलन में बच्चियों ने दिखाया दमखम

सुगौली। द रेडिएंट पब्लिक स्कूल में गुरुवार को खेलो इंडिया के तहत अस्मिता सिटी लीग का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शहर की बालिकाओं ने भारोत्तोलन खेल में भाग लेकर अपनी प्रतिभा और खेल के प्रति उत्साह का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सबिहा रहमान, सुगौली एचबीएल के जनरल मैनेजर रमेश शुक्ला,भाजपा महिला मोर्चा की जिला महासचिव निक्की मिश्रा,महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष करुणा अग्रवाल, द रेडिएंट पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर तृप्ति श्रीवास्तव तथा राजा ऑटोमोबाइल के प्रोपराइटर मो. इरशादुल्लाह उर्फ राजा भैया शामिल हुए।इसके अतिरिक्त आपन माटी आपन पार्टी के संस्थापक जितेंद्र तिवारी,अध्यक्ष नवीन कुमार,उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी,संयुक्त सचिव आरिफ इकबाल उर्फ छोटू,कोषाध्यक्ष डॉ.पवन कुमार,सेतु कुमार,विकेश कुमार,जिला भारोत्तोलन संघ के सचिव रुस्तम आलम एवं डॉ.अफरोज आलम सहित अन्य गणमान्यों ने उपस्थिति जताई। इस अवसर पर बालिकाओं में खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और खेलों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।इस तरह के आयोजन से छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने,आत्मविश्वास बढ़ाने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। खेलो इंडिया के तहत आयोजित अस्मिता सिटी लीग बालिकाओं को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

भारत विकास परिषद की पहल की चार विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने की सराहना

-स्कूल बैग व शैक्षणिक पाठ्य सामग्री देकर बढ़ाया बच्चों का उत्साह

रक्सौल।  प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिले, विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़े और नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति एवं गौरवशाली इतिहास से परिचित हो, इसी उद्देश्य से भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल के तत्वावधान में 31 अगस्त को आयोजित अखिल भारतीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता  एवं 27 सितंबर को “शाखा स्तरीय प्रश्न मंच” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके विद्यालयों में सम्मानित किया गया। परिषद की इस पहल से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा। 

गौरतलब हो कि एस.ए.वी. स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा समृद्धि श्रेया ने लिखित परीक्षा में 50 में  44 अंक प्राप्त कर प्रतियोगिता में शामिल नौ विद्यालयों के बीच रक्सौल में सर्वोच्च स्थान हासिल की थी। वहीं कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल के अभिनव मिश्रा और मयंक कुमार ने क्रमशः वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग में लिखित परीक्षा और शाखा स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था 

साथ ही वरिष्ठ वर्ग में द चंद्रशील स्कूल के अंकित कुमार ने लिखित परीक्षा में प्रथम तथा प्रश्न मंच प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था । वहीं कनिष्ठ वर्ग में संत माइकल इंग्लिश स्कूल के सर्वेश साह ने लिखित परीक्षा में प्रथम और प्रश्न मंच प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने रक्सौल के शैक्षणिक जगत में प्रतिभा, परिश्रम और ज्ञान के प्रति लगन की मिसाल प्रस्तुत की। भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल की ओर से सफल छात्र-छात्राओं को उनके विद्यालयों में जाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें स्कूल बैग, शैक्षणिक पाठ्य सामग्री एवं आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। 

परिषद का यह प्रयास शिक्षा के साथ संस्कार, राष्ट्रीय गौरव और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। भारत विकास परिषद शाखा–रक्सौल के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को नई उड़ान देने का प्रयास है।

‘भारत को जानो’ जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों को देश के इतिहास, संस्कृति, महापुरुषों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। आज सम्मानित होने वाले बच्चे कल समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। परिषद के संस्कार संयोजक नीतेश कुमार सिंह एवं कोषाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और समृद्ध परंपराओं का ज्ञान भी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में जिज्ञासा, अध्ययनशीलता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व की भावना विकसित करती हैं।

मौके पर परिषद के संगठन सचिव अजय कुमार, संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने भी विचार व्यक्त किए। जबकि सभी प्रधानाचार्यो ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। वहीं कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल के निदेशक विकास गिरि एवं प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाण्डेय, एस.ए.वी स्कूल के निदेशक सह प्रधानाचार्य साइमन रेक्स , संत माइकल इंग्लिश स्कूल के प्रधानाचार्य सत्यजीत दास तथा द चंद्रशील स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार सिन्हा एवं वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार झा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके बीच भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के परिषद के प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की।

बेहतर परिसंपत्तियां, सुविधाएं,  जीवन” का संकल्प ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः डीएम 

-कायाकल्प अभियान के प्रभावी से लागू करने को लेकर अधिकारियों संग बैठक 

मोतिहारी। बिहार सरकार के  कायाकल्प अभियान को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से  गुरुवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। बैठक में नगर आयुक्त ,उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर,कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की सार्वजनिक परिसंपत्तियों (जैसे सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र और पंचायत भवन) की मरम्मत, जीर्णोद्धार और उनके बुनियादी ढांचे का उन्नयन करना है।

उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण समय-सीमा का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि निर्माण या मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रखंडों के वरीय अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं का नियमित रूप से भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। कार्य में लापरवाही बरतने वाले या समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों और संवेदकों  के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अंत में कहा कि “बेहतर परिसंपत्तियां, बेहतर सुविधाएं और बेहतर जीवन” के संकल्प के साथ पूर्वी चंपारण  को समृद्ध और सुविधायुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 31 अक्टूबर से सफाई कर्मी करेंगे भूख हड़ताल

रक्सौल।  नगर परिषद क्षेत्र में एनजीओ के माध्यम से सफाई कार्य में लगे कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अख्तियार करने का संकेत दिया है। मांगों के समाधान में देरी से नाराज सफाई कर्मियों ने गुरुवार को आश्रम रोड स्थित बाबा मठिया परिसर में बैठक कर आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कर्मियों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 30 अक्टूबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे 31 अक्टूबर से सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे। बैठक की अध्यक्षता चंद्रशेखर कुमार सिंह एवं रमेश सिंह ने की।

बैठक में सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और कहा कि वे नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उनकी मांगों और समस्याओं का समय पर समाधान होना जरूरी है। कर्मियों ने कहा कि किसी भी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए उसमें काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

कर्मियों ने बैठक के दौरान कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो उनके सामने आंदोलन के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर तक मांगें पूरी करने की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद 31 अक्टूबर से सभी संबंधित सफाई कर्मी सामूहिक भूख हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं। कर्मियों ने इस संबंध में अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

बैठक में सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए संबंधित पक्षों से पहल करने की अपील भी की। उनका कहना था कि समय रहते बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। कर्मियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर सकारात्मक पहल की जाएगी।

सफाई कर्मियों की इस बैठक को नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय तक मांगों पर सहमति नहीं बनती है और सामूहिक भूख हड़ताल शुरू होती है, तो इसका असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हालांकि, बैठक में शामिल कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट रहने और समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन करने की बात कही।

बैठक में चंद्रशेखर कुमार सिंह एवं रमेश सिंह के नेतृत्व में उपस्थित सफाई कर्मियों ने अपनी समस्याओं को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाई। कर्मियों ने कहा कि उनकी मांगों पर समय रहते उचित निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे उन्हें राहत मिल सके और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके।

मौके पर रौशन मलिक, मोहन मलिक, बब्लू मलिक, राज मलिक, धीरज मलिक, करण मलिक, मनोज मलिक, जितेन्द्र मलिक, संजय मलिक, रोहित मलिक, रवि मलिक, छोटू मलिक, सिकंदर मलिक, अभय मलिक, सागर मलिक, नंदकिशोर मलिक, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में अन्य सफाई कर्मी उपस्थित थे।

रसायनिक की जगह जैविक उर्वरक के इस्तेमाल से बचेंगे खेत : डॉ राघवेंद्र 

-‘खेत बचाओ ‘अभियान के तहत जसौली पट्टी में पांच वैज्ञानिकों ने सिखाए उन्नत कृषि के गुर

कोटवा। प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव जसौली पट्टी में महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, पिपराकोठी, मोतिहारी द्वारा ‘खेत बचाव अभियान’ के तहत प्रगतिशील किसानों के बीच एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। ​कार्यक्रम में गांव के लगभग 50 से 55 महिला एवं पुरुष किसानों की भागीदारी रही।

किसानों को संबोधित करते हुए ​संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह ने खेत की मिट्टी को बचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा अकार्बनिक एवं जैविक खादों के समावेश से मिट्टी की उर्वरता शक्ति को बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय बताए।​ कहा कि साल में एक दलहन फलस जरूर लगाए , इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विजय सिंह मीना ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का नमूना लेने की विधि समझाई तथा खेत में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने रबी फसलों की उन्नत प्रजातियों के चयन और समय पर बुआई की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान की कटाई के तुरंत बाद जीरो-टिल मशीन के माध्यम से बिना जुताई किए सीधी बुआई करने की तकनीक समझाई, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है।डॉ. पंच किशोर भारती ने पशुपालन पर मार्गदर्शन करते हुए गाय, भैंस और बकरियों के उचित रखरखाव, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं नस्ल सुधार के बारे में किसानों को जागरूक किया।

डॉ. नवीन बी. पाटिल ने फसलों एवं पेड़ों में लगने वाले प्रमुख कीट-पतंगों और बीमारियों की पहचान तथा उनके समेकित नियंत्रण एवं बचाव के वैज्ञानिक तरीके साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर रवींद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत कर के किया। वही सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने अतिथियों का अभिनन्दन कर गांव के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपस्थित किसानों को वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए पौधों का वितरण किसानों के बीच किया गया।

मौके पर सेवा निवृत शिक्षक पारस नाथ सिंह, पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह , प्रमुख प्रतिनिधि सुनील दास , राजीव रंजन , केशव प्रकाश, उपेंद्र कुमार सिंह, रंजन कुमार ,  मोहन साह, उमेश नारायण सिंह, लालबाबू सिंह, रमाशंकर ठाकुर, गौरीशंकर ठाकुर , आचार्य धर्मेंद्र चतुर्वेदी , गन्नौर राउत , भागनारायण राउत सहित , टुन्नी सिंह , मनीष कुमार सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

पुलिस की बेहतर पहल, बच्चों को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर खुद विद्यालय तक पहुंचाये थानेदार

मोतिहारी। जिले में पुलिस का एक अनोखा पहल सामने आया है। इस पहल की खूब प्रशंसा हो रही है । खाकी वर्दी की जिम्मेदारी और इंसानियत की ताकत को एक साथ सामने ला दिया है। आम तौर पर पुलिस की चर्चा अपराधियों की गिरफ्तारी, छापेमारी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही तल्ख तेवर के तौर पर जानी जाती है,पर इससे अलग जिले के कुंडवाचैनपुर थानाध्यक्ष अमन कुमार ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए जो कदम उठाया, वह पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी का एक सराहनीय उदाहरण है जो अनुकरणीय भी है।

प्रस्तुत तस्वीरों और वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, तेल्हारा ढांगर टोला में स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष खुद मौके पर पहुंचे और बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल शुरू की। इस अभियान के तहत एक ही दिन में करीब 70 बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाने की पहल की गई। पुलिस की इस मुहिम की चहुंओर चर्चा हो रही है और संभव है कि इसे दूसरे पुलिस वाले भी अपनाये। इतना ही नहीं थानाध्यक्ष ने 40 से अधिक बच्चों के अभिभावक के साथ मीटिंग कर उन्हें शिक्षा के महत्व को समझाते हुए पढ़ना क्यों जरूरी है इसकी व्याख्या की।

लाजिमी है कि पुलिस यदि ऐसी पहल करे तो अभिभावक भी नहीं चाहते हुए बच्चों की जरूर स्कूल भेजेंगे। वही बच्चों को कापी किताब सहित पठन पाठन की अन्य वस्तुएं भी दी जा रही है जो निश्चित तौर पर पुलिस का समाज के प्रति एक बड़ी दायित्व निर्वहन करने के जज्बे को दर्शाता है।​

सीएस ने कोटवा स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया, सामने आई कई अनियमितता

 

-व्यवस्था में सुधार के निर्देश, अनुपस्थित कर्मियों का कटेगा वेतन

कोटवा। प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने अचानक सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी डॉ. सचिन कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। इस पर सिविल सर्जन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मियों की हाजिरी काटने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी कम पाई गई, जबकि साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति देखकर सिविल सर्जन ने नाराजगी जाहिर की और व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया।

ड्यूटी में लापरवाही और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने अस्पताल के प्रभारी डॉ. सचिन कुमार तथा हेड क्लर्क के वेतन में कटौती करने का आदेश दिया। वहीं, ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए अन्य कर्मियों की हाजिरी काटकर उनसे स्पष्टीकरण मांगने को कहा।

सिविल सर्जन ने पीएचसी में कार्यरत सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, मरीजों की व्यवस्था को नियमित करने सहित मरीजो की संख्या बढ़ाने सहित जरूरी निर्देश दिए। सीएस के इस औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय कर्मियों के बीच हलचल देखी गई।

अब यह देखना होगा कि निरीक्षण के बाद कोटवा पीएचसी की व्यवस्था में कितना सुधार होता है। यहां बता दे कि हाल के दिनों में एसडीएम सदर अरुण कुमार और बीडीओ चिरंजीवी पांडेय द्वारा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया था, इस दौरान कई गड़बड़ियां पाई गई थी। बिफरे एसडीएम ने व्यवस्था में सुधार का तल्ख़ निर्देश दिए थे , बावजूद स्थिति जस का तस है। ऐसे में देखना होगा कि आगे इस अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।

anand prakash

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