भारत-पोलैंड के बीच रक्षा, अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई है।उन्होंने इन क्षेत्रों में सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वार्ता हुई। वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस वक्तव्य दिया। मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के नए अवसरों को व्यापक बनाया है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करते हुए मोदी ने कहा कि वर्ष 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इसी मजबूत आधार पर पिछले दो वर्षों में द्विपक्षीय साझेदारी ने नई गति हासिल की है। भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत ने भी दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं पैदा की हैं।
मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध केवल कूटनीतिक संपर्कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानवता और संवेदना की साझा विरासत पर आधारित हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिया था। उन्होंने सांस्कृतिक और जनस्तरीय संपर्कों को दोनों देशों के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि पोलैंड में संस्कृत अध्ययन और भारतविद्या की समृद्ध परंपरा है। क्राकोव शहर में भारतीय अध्ययन पीठ की स्थापना भी इसी सांस्कृतिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने का प्रयास है। भारत और पोलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों तथा कानून के शासन में विश्वास रखते हैं।
दोनों देश वैश्विक शासन संस्थाओं को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए उनमें सुधार को आवश्यक मानते हैं।यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

