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मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई में कहा कि न्याय पाने के लिए रास्ते पर उतरना किसी भी कीमत पर नक्सलवाद नहीं है।उद्धव ठाकरे ने टाइगर श्राफ पर हुई फायरिंग पर भी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा किया और कहा कि पिस्तौल धारी आरोपित मुंबई में नाकाबंदी के बाद भी मुंबई कैसे पहुंचा।

उद्धव ठाकरे मंगलवार को शिवसेना यूबीटी की ओर से शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में तिरंगा फहराने की मांग करना किस कानून के तहत अपराध है। अगर चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा जा रहा है तो इसमें गलत क्या है। इन मुद्दों पर आवाज उठाने वाले युवाओं पर पुलिस लाठी बरसा रही है, यह किस तरह से जायज ठहराया जा सकता है। अगर प्रशासन बात नहीं सुन रही है तो कोर्ट से लोगों की उम्मीद रहती है। लेकिन कोर्ट भी न्याय देरी से दे तो फिर लोगों में असंतोष फैलना स्वाभाविक है। इस तरह के आंदोलनों पर लाठी बरसाना कहां तक उचित है। जिस उम्र के युवा आज लाठी खा रहे है, उसी उम्र के न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने क्रांति की थी, तब कहीं देश आजाद हुआ था

।उद्धव ठाकरे ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले का जिक्र करते हुए राज्य सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ठाकरे ने कहा, टाइगर श्रॉफ किस्मत वाले हैं कि वह बच गए। लेकिन अगर गोली ऊपर लगी होती और पुलिस ने हमलावर को पकड़ भी लिया होता, तो उसका क्या फायदा होता? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रही है और पुलिस पर ही सारी जिम्मेदारी छोड़ दी गई है।

उद्धव ठाकरे ने हमलावरों के आने-जाने और पुलिस की नाकेबंदी को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही थी, तब हमलावर वहां तक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को किसी घटना के बाद ही कार्रवाई करनी है, तो ऐसी घटनाओं को पहले रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं मजबूत की जाती?

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार के उस कथित दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें राज्य को अर्बन नक्सलियों का केंद्र बताया गया था। उन्होंने सरकार से पूछा कि महाराष्ट्र के किन शहरों में नक्सलवाद की समस्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से ठोस जवाब देने के बजाय दूसरे मुद्दों को उछाला जा रहा है।

उद्धव ठाकरे ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिश्नोई साबरमती जेल में बंद है, जबकि उसके गिरोह की ओर से बड़ी संख्या में शूटर होने के दावे किए जाते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए ठाकरे ने कहा, अगर सच में हिम्मत है तो साबरमती जाकर लॉरेंस बिश्नोई को ले आओ और फिर बात करो।

anand prakash

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