प्रभु श्रीराम धर्म, सत्य और नैतिक आचरण के आदर्श स्वरूप : राष्ट्रपति
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली के द्वारका सेक्टर 10 स्थित श्री रामलीला एवं विजयदशमी समारोह में शामिल हुईं और देशवासियों को अधर्म पर धर्म की विजय के इस पर्व की शुभकामनाएं दीं।उन्होंने यहां संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम धर्म, सत्य और नैतिक आचरण के आदर्श स्वरूप हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि देश-विदेश में रामलीलाओं के माध्यम से लोग भगवान श्रीराम के महान आदर्शों और जीवन-मूल्यों का स्मरण करते हैं। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन केवल भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और सदाचार की बुराई, अधर्म, अन्याय और अहंकार पर विजय का प्रतीक है। सदियों से यह पर्व हमें प्रेरणा देता रहा है कि सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर हमेशा जीत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल हमारे आराध्य नहीं, बल्कि हमारे जीवन के आदर्श हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का नाश किया। रावण को सदियों से बुराई का प्रतीक माना जाता है, लेकिन आज के समाज में भी अनेक ऐसी बुराइयां मौजूद हैं, जिन्हें समाप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना होगा।
उन्होंने कहा कि अंधकार, अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या, भ्रष्टाचार, नशा, अपराध, सामाजिक भेदभाव, महिलाओं पर अत्याचार और नफरत जैसी बुराइयां आज भी समाज के सामने चुनौती हैं। इनका अंत तभी संभव है, जब हम सभी अपने भीतर श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करें और उनके प्रतिबिंब के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि हम अपने जीवन में भगवान श्रीराम के आदर्शों को नहीं अपनाएंगे तो समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करना कठिन होगा।
उन्होंने कहा कि राम का जीवन-वृत्त हमें आत्ममंथन करने और अपने भीतर मौजूद बुराइयों को पहचानकर उन्हें समाप्त करने की प्रेरणा देता हैं। उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पर्व हम सभी को यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलें, अपने आसपास मौजूद बुराइयों को खत्म करने में योगदान दें और देश की तरक्की के साथ जुड़कर आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए नफरत को समाप्त करना होगा और प्रेम का दीप जलाना होगा। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने तथा देशद्रोहियों को सबक सिखाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय एक साथ मिलकर देश की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करें।

