दुर्गुणों को हरने वाली ही कहलाती है दुर्गा: बीके मीना दीदी
– ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की तीन दिवसीय चैतन्य झांकी शुरू, महिषासुर वध और वरदानी चैतन्य मूर्तियों का साक्षात्कार बना आकर्षण
अरेराज। नवरात्र के अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अरेराज स्थित स्थानीय सेवा केंद्र की ओर से शनिवार को दुर्गा माता की तीन दिवसीय चैतन्य झांकी का शुभारंभ किया गया।
संध्या सात बजे से रात दस बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ राजयोगिनी बीके मीना दीदी, पूर्व विधायक सुनील मणि तिवारी, बीके अशोक वर्मा, बीके विभा एवं बीके करुणा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। झांकी के अनावरण के बाद अतिथियों ने दुर्गा माता की आरती उतारी।
मुख्य वक्ता बीके मीना दीदी ने कहा कि दुर्गुणों को हरने वाली ही दुर्गा कहलाती हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में दुर्गापूजा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर सभी को अपने अंदर की सूक्ष्म से सूक्ष्म कमी और कमजोरी को पहचानकर उसे जड़-मूल से समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।
पूर्व विधायक सुनील मणि तिवारी ने कहा कि आध्यात्मिकता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में ब्रह्माकुमारियों के योगदान की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी। बीके अशोक वर्मा ने कहा कि परमात्मा शिव की शक्ति दुर्गा हैं। उन्होंने आध्यात्मिक संदर्भ में कहा कि भारत के दुखों को दूर करने के लिए दुर्गा माता की शक्ति ब्रह्माकुमारियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दे रही है।
कार्यक्रम को बीके करुणा एवं बीके विभा ने भी संबोधित किया।चैतन्य झांकी का मुख्य आकर्षण महिषासुर वध की जीवंत प्रस्तुति रही। इसमें महिषासुर की भूमिका शिव प्रसाद गिरी ने निभाई, जबकि ज्ञान देने वाली ब्रह्माकुमारी की भूमिका बीके करुणा ने प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के दौरान कई सामूहिक गीतों और नृत्यों की भी प्रस्तुति हुई। दूसरा आकर्षण श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्माकुमारियों द्वारा वरदानी चैतन्य मूर्तियों के रूप में कराया गया आध्यात्मिक साक्षात्कार रहा। आकर्षक झांकी और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन बीके राजकिशोर भाई ने किया।

