मल्लिकार्जुन खरगे ने बुलाई सीडब्ल्यूसी की बैठक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

मल्लिकार्जुन खरगे ने बुलाई सीडब्ल्यूसी की बैठक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाई है।बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ पार्टी की आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर गंभीरता से संघर्ष करेगी और बैठक में सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्य अपने सुझाव देंगे। यह मामला केवल किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और सीडब्ल्यूसी की बैठक में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग के कामकाज को लेकर उसके अपने लोगों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन के उस दावे का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि 2016 में तत्कालीन आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने का सुझाव दिया था।

थॉमसन के अनुसार, उन्होंने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया था।खरगे ने इस दावे के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था, तो यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। हालांकि, थॉमसन का यह दावा उनके स्वयं के बयान पर आधारित है और ज्ञानेश कुमार की ओर से इस आरोप पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हट जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि इस्तीफा देने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।दरअसल, यह विवाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष के सवालों के बीच तेज हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े सवालों पर गंभीर चर्चा आवश्यक है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अपने निर्णयों और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण दिए गए हैं।

anand prakash

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