‘मन की बात’ में गूंजी मप्र के ब्यावरा की पर्यावरण क्रांति, प्रधानमंत्री ने बहनों के प्रयासों काे सराहा

‘मन की बात’ में गूंजी मप्र के ब्यावरा की पर्यावरण क्रांति, प्रधानमंत्री ने बहनों के प्रयासों काे सराहा
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-प्लास्टिक कचरे से सार्वजनिक स्थानों को बनाया सुंदर

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में माध्यम से मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की बहनों के पर्यावरण क्रांति के अनुकरणीय प्रयासों का उल्लेख किया।

दरअसल, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की ब्यावरा शहर की बहनों के अनूठे प्रयास का जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का उल्लेख किया तो इस पल ने यहां के वाशिदों के मन में गौरव और सम्मान भर दिया। प्रधानमंत्री ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने अभियान को ‘जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन’ और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गया। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्य प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायक महेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उद्बोधन में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को रिसाइकल कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।

आखिर क्या है यह अभियान

ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजक अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर ईको ब्रिक्स तैयार की जा रही हैं। इन ईको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की अवधारणा को साकार कर ‘प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन’ में बदल रही है।

उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

संस्था के सदस्य तरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को ईको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है।

नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में ईको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।

anand prakash

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