नेपाल सरकार ने आयातित सामग्री पर निर्भरता घटाने के लिए नई निर्देशिका मंजूर की
काठमांडू। नेपाल सरकार ने सार्वजनिक खरीद में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके इस्तेमाल से संबंधित निर्देशिका को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही सरकारी खरीद और बुनियादी ढांचा निर्माण में आयातित सामग्री पर निर्भरता कम करते हुए स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय संसाधनों और घरेलू तकनीक के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की नीतिगत व्यवस्था की गई है।निर्देशिका में सड़क, पुल और भवन सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी गई है।
अब तकनीकी रूप से उपयुक्त स्वदेशी विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद आयातित सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य बनाने वाले डिजाइन तैयार नहीं किए जा सकेंगे। विशेष रूप से आयातित बिटुमिन से बनने वाली डामर सड़कों के विकल्प के रूप में स्वदेशी सीमेंट से बनने वाली कंक्रीट सड़कों, स्थानीय पत्थरों और अन्य घरेलू निर्माण तकनीकों को अपनाने की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, निर्देशिका में हर परिस्थिति में बिटुमिन और अस्फाल्ट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इसमें तकनीकी रूप से उपयुक्त स्वदेशी विकल्पों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। सरकारी भवनों के निर्माण में भी आयातित ग्रेनाइट और टाइल्स के बजाय स्वदेशी मार्बल, पत्थर, स्लेट और टाइल्स के इस्तेमाल को प्राथमिकता देनी होगी।
भवनों की सजावट, बिजली की फिटिंग, फर्नीचर और सैनिटरी सामग्री में भी स्वदेशी विकल्प अपनाने की व्यवस्था की गई है।निर्देशिका के अनुसार सरकारी परियोजनाओं की व्यवहार्यता अध्ययन, डिजाइन, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), लागत अनुमान और टेंडर तैयार करने के शुरुआती चरण से ही स्वदेशी उत्पादों और तकनीकों के अधिकतम इस्तेमाल को सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा टेंडर, तकनीकी विवरण, मात्रा सूची और खरीद समझौतों में स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल की शर्त शामिल करनी होगी। समझौते में स्वदेशी सामग्री निर्धारित होने के बाद बिना अनुमति विदेशी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
सरकारी खरीद में उपयुक्त स्वदेशी विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद किसी विदेशी ब्रांड, उत्पादन स्थल या मूल देश को लक्षित करके तकनीकी विवरण तैयार करने पर भी रोक लगाई गई है। निर्देशिका में व्यवस्था की गई है कि नेपाल के भीतर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और कच्चे माल से उत्पादित या प्रसंस्कृत निर्माण सामग्री का इस्तेमाल देशभर की सार्वजनिक परियोजनाओं और सरकारी खरीद में किया जा सकेगा।
हालांकि, स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल के दौरान गुणवत्ता, सुरक्षा, टिकाऊपन और तकनीकी मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य घरेलू उद्योगों के लिए बाजार का विस्तार, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि, रोजगार सृजन और आयात के विकल्प के रूप में घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
निर्देशिका में स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित सार्वजनिक निकायों के प्रमुखों, अध्ययन एवं डिजाइन तैयार करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं तथा मंजूरी देने वाले अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार ने सरकारी बजट से होने वाले निर्माण कार्यों और खरीद में स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल बढ़ाकर देश के भीतर उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने के लक्ष्य के साथ इस निर्देशिका को मंजूरी दी है।
विदेशी सामग्री को स्वदेशी बताकर आपूर्ति करने, नकली ब्रांड या लेबल का इस्तेमाल करने और उत्पादन स्थल के बारे में गलत जानकारी देने वाले निर्माण व्यवसायियों या आपूर्तिकर्ताओं की सामग्री अस्वीकार की जा सकेगी। ऐसे आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान रोकने, उन्हें काली सूची में डालने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।

