ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ली
देहरादून। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में सोमवार को शपथ ली। लोकभवन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।शपथ ग्रहण से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति अधिपत्र पढ़कर सुनाया।
समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत और विजय बहुगुणा सहित कई नेता उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, योगगुरु स्वामी रामदेव और परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती भी समारोह में शामिल हुए।
राज्यपाल बिसेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड की सेवा का अवसर देने के लिए वह देश के शीर्ष नेतृत्व के आभारी हैं। उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे पवित्र स्थल इसकी विशिष्ट पहचान हैं।
उन्होंने उत्तराखंड को वीरभूमि बताते हुए कहा कि यहां के युवा, किसान और मातृशक्ति प्रदेश की ताकत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड के विकास को लेकर व्यक्त किए गए दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।
राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और पद की गरिमा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं को गति देने का प्रयास किया जाएगा। देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि उनका प्रमुख ध्येय है।
डॉ. बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। इसके बाद वह 1993, 1998 और 2003 में भी विधायक निर्वाचित हुए।
वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद बिसेन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उन्होंने 2003 से 2005 तक कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
बिसेन वर्ष 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बालाघाट संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहां से वह निर्वाचित होकर पहली बार लोकसभा पहुंचे।
राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ बिसेन सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं और भोयर पवार समाज से उनका संबंध है। उन्हें आयुर्वेद और होम्योपैथी से जुड़े चिकित्सक के रूप में भी जाना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को डॉ. बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने ले.ज. (रि) गुरमीत सिंह का स्थान लिया।

