उज्जैन: महाकाल का देवी स्वरूप में शृंगार, रजत मुकुट और मुंडमाला से सजे बाबा

उज्जैन: महाकाल का देवी स्वरूप में शृंगार, रजत मुकुट और मुंडमाला से सजे बाबा
Facebook WhatsApp

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का देवी स्वरूप में विशेष शृंगार किया गया।आश्विन शुक्ल नवमी के अवसर पर बाबा महाकाल को चांदी के आभूषण, रजत मुकुट और मुंडमाला धारण कराई गई। मोगरा और गुलाब के सुगंधित फूलों से भगवान का अलंकरण किया गया। दिव्य शृंगार में सजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। आरती के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

आज तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न हुआ।पूजन के बाद प्रथम घंटाल बजने पर मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया और हरिओम जल अर्पित किया गया।

कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड लगाकर शृंगार किया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती में महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाला और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। सुगंधित पुष्पों की मालाओं के साथ मोगरा और गुलाब के फूल अर्पित किए गए।

आभूषणों और पुष्पों से सजे बाबा महाकाल के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भक्तों ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page