मणिपुर के कामजोंग में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में 1 की मौत,15 घर जलाया
इंफाल। मणिपुर के कामजोंग जिला मुख्यालय में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन तंगखुल नगा नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक घायल हो गए। नगा विलेज गार्ड (एनवीजी) की पूर्वी कमान की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई।रविवार काे जारी बयान के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 2.30 बजे हुई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कामजोंग के आवासीय इलाकों की ओर गोलीबारी की। इससे इलाके में दहशत फैल गई।
एनवीजी ने आरोप लगाया कि चसाद कुकी गांव में सक्रिय कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) और विलेज वॉलंटियर्स ऑफ ईस्टर्न जोन (वीवीईजेड) के सदस्य इस हमले में शामिल थे। बयान में दावा किया गया कि नगा नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।घायल तीन स्वयंसेवकों काे गोली लगी थी उनकी पहचान निंगचौंग के टी. चिथुंग तथा बुंगपा खुल्लेन के एस. मालुंग और एम. शिथुंग के रूप में हुई है। उन्हें कामजोंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
एनवीजी ने चसाद में तैनात असम राइफल्स की 11वीं बटालियन के जवानों पर भी संदिग्ध उग्रवादियों की मदद करने का आरोप लगाया। संगठन के अनुसार, जवान दो कैस्पिर वाहनों में कामजोंग की ओर बढ़े और कथित तौर पर गोलीबारी करने के साथ नागरिक इलाकों की ओर स्टन बम भी फेंके। बयान में दावा किया गया कि बम आवासीय परिसरों में गिरे, जिससे कई मकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।संगठन ने कुकी उग्रवादी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना का उद्देश्य 1997 से जारी नगा शांति प्रक्रिया को कमजोर करना था।
एनवीजी ने कथित हमले की निंदा करते हुए नगा समुदायों से सतर्क रहने की अपील की। साथ ही, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। संगठन ने नगा भूमि, पहचान और लोगों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

