मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा : सम्राट चौधरी

मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा : सम्राट चौधरी
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-बिहार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए पीपीपी मॉडल पर जोर

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की।उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में सरकारी स्वामित्व और जनहित से जुड़े प्रावधानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा तथा इनके निजीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण का प्रावधान नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करते हुए सरकारी स्वामित्व, विद्यार्थियों के हितों, मरीजों के अधिकारों और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुरक्षित रखना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल से संबंधित प्रस्तावों में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाय। प्रस्तावित मॉडल से सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत ब्राउन फील्ड मेडिकल कॉलेजों में बिहार के निवेशकों को प्रीफ्रेंस मिले, हमारा उद्देश्य है बिहार के लोगों को लाभ हो। बिहार के चिकित्सक जो इसमें भागीदारी करना चाहते है उन्हें प्राथमिकता मिले। स्टेक होल्डर को पब्लिक इंट्रेस्ट में काम करना होगा।बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के महत्व पर बल दिया। सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों के विकास एवं संचालन की संभावनाओं पर व्यवस्थित रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों से संबंधित प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई करते समय आधारभूत संरचना, संचालन व्यवस्था, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालय के अस्पतालों को उन्नत एवं मजबूत बनाना है। मरीजों को वहां आधुनिक एवं सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। पटना के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को और आधुनिक बनाने के लिए काम करें, देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से इसे जोड़े।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न संभावनाओं का आकलन करते हुए जनहित को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।

anand prakash

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